फैक्ट्री लगाने के नाम पर साढ़े चार करोड़ रूपये की धोखाधड़ी

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काशीपुर। एक व्यक्ति ने फैक्ट्री लगाने के नाम पर करीब साढ़े चार करोड़ रूपये की धोखाधड़ी करने व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर सौंपी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है।
सेक्टर-3, रोहणी, दिल्ली स्थित पेरामाउंट पॉलीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर संजीव गोयल पुत्र स्व. देवेन्द्र गोयल ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसे उक्त कम्पनी की यूनिट उत्तराखण्ड में प्रारम्भ करनी थी। जिसके लिए उसने महुआखेड़ गंज स्थित जमीन का सौदा का इकरारनामा 12 दिसंबर 2022 को मैसर्स अडोराटैक्स द्वारा महुआखेड़ा गंज निवासी मैसर्स होम फ्लोरिंग एण्ड डेकोर प्रा० लि० के मालिक मौ. रिजवान अंसारी पुत्र स्व. हाजी मोहम्मद इलियास के साथ तेरह करोड इकत्तीस लाख रूपये किया था तथा पेरामाउंट पॉलीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड के हक में भूमि, प्लांट मशीनरी समस्त निर्माण सहित का इकरारनामा तहरीर कराकर नोटरी अधिवक्ता के समक्ष तस्दीक किया गया। भूमि के एवज में एक करोड़ 45 लाख रूपये चेक व आरटीजीएस के माध्यम से मौ. रिजवान अंसारी को दिये थे तथा भूमि का बैनामा 28 फरवरी 2024 को होना तय किया गया था। चूंकि पेरामाउंट पॉलीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड को प्रोडक्शन प्रारम्भ करना था तो मौ. रिजवान अंसारी ने कहा कि जब-तक बैनामें का समय आयेगा तब तक उक्त फैक्ट्री की मशीनों की मरम्मत कराकर अपने उपयोग में ले लों और इसका 705500 रूपये किराया दे देना। ले लो। जिसके बाद किरायानामा पंजीकृत कराया गया। मौ. रिजवान अंसारी ने उससे 70,77,531 का तैयार माल (फाईबर) खरीदा और उसकी रकम जमीन के बैनामें की धनराशि में सम्मिलित को कहा गया। इसके बाद उसने मौ. रिजवान अंसारी को अलग-अलग तिथियों मेंएक करोड तीस लाख रूपये और दिये। फैक्ट्री की मरम्मत में लगभग अस्सी लाख रूपये भी लगाये गये। कुछ समय के बाद जमीन के मूल्यों में वृद्धि होने लगी तो मौ. रिजवान अंसारी ने सौदे की कीमत में वृद्धि करने को कहा तो उसने पूर्ण धनराशि लेकर बैनामा कराने को कहा तो मौ. रिजवान व उसके रिश्तेदार मुन्ना अंसारी ने कहा कि यह जमीन बैंक में गिरवी रखी हुयी है बैंक से ऋण मुक्त नहीं हो सकती है। हम तुम्हे यह जमीन नहीं देंगे यदि अपनी जान की सलामत चाहते हो तो अपना सामान उठाकर जल्द से जल्द चले जाओ। जिसके बाद उनके डराने धमकाने व दबाव बनाने पर माह जून 2023 में उसने फैक्ट्री खाली कर दी। जिसके बाद चार करोड पच्चीस लाख सतत्तर हजार पांच सौ इकत्तीस रूपये मौ. रिजवान द्वारा तीन माह में वापस करने को कहा। जब उसने समयानुसार पैसे मांगे तो मौ. रिजवान अंसारी और मुन्ना अंसारी धनराशि वापस नहीं की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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Author: Prime Focus

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