(काशीपुर के व्यापारी बेहाल, कर्मचारियों पर रोजी रोटी का हुआ संकट)
काशीपुर। चैटजीपीटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल के साथ सोशल मीडिया के लिए पोस्टर, फ्लेक्स और प्रचार सामग्री तैयार करने का चलन तेजी से बढ़ा है। इसका सीधा असर अब प्रिंटिंग प्रेस कारोबार पर दिखाई देने लगा है। प्राइम काशीपुर की टीम के हालिया सर्वे के अनुसार शहर के कई प्रिंटिंग प्रेस संचालक काम में आई कमी को लेकर चिंतित हैं। कारोबार घटने से प्रेस संचालकों के साथ-साथ वहां काम करने वाले ऑपरेटरों और कर्मचारियों के सामने भी रोजगार का संकट गहराने लगा है।
प्रिंटिंग प्रेस संचालकों का कहना है कि करीब एक से डेढ़ वर्ष पहले की तुलना में उनका काम काफी कम हो गया है। पहले जहां शादी, धार्मिक आयोजनों, त्योहारों, राजनीतिक कार्यक्रमों और विभिन्न प्रचार अभियानों के लिए बड़ी संख्या में पोस्टर, बैनर और फ्लेक्स तैयार कराए जाते थे, वहीं अब लोग सोशल मीडिया के माध्यम से ही प्रचार सामग्री तैयार कर उसका इस्तेमाल कर रहे हैं।
संचालकों के मुताबिक एआई और चैटजीपीटी ने इस बदलाव को और तेज कर दिया है। लोग अब एआई से डिजाइन, पोस्टर और प्रचार सामग्री तैयार कराने के बाद उसे सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। इससे प्रिंटिंग प्रेस तक पहुंचने वाले छोटे-बड़े ऑर्डरों में कमी आई है।
प्रिंटिंग कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि तकनीक के इस बदलाव से समय और लागत तो बच रही है, लेकिन परंपरागत प्रिंटिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों के सामने रोजी-रोटी का सवाल खड़ा हो रहा है। ऐसे में कारोबारियों को अब बदलती तकनीक के अनुरूप अपने काम में नए विकल्प तलाशने की जरूरत महसूस हो रही है।
अब शादी-बर्थडे के कार्ड भी एआई से तैयार
काशीपुर। एआई और चैटजीपीटी के बढ़ते इस्तेमाल का असर अब शादी-विवाह और अन्य पारिवारिक आयोजनों के कार्ड पर भी पड़ने लगा है। लोग शादी के निमंत्रण कार्ड, बर्थडे कार्ड तथा विभिन्न समारोहों के आमंत्रण पत्र एआई और चैटजीपीटी की मदद से तैयार कराकर उन्हें डिजिटल माध्यम से अपने सगे-संबंधियों और परिचितों को भेज रहे हैं। पहले इन कार्डों को तैयार कराने के लिए प्रिंटिंग प्रेस का सहारा लिया जाता था, लेकिन अब मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से घर बैठे आकर्षक डिजाइन तैयार हो जाने से लोग डिजिटल कार्ड भेजना अधिक सुविधाजनक मान रहे हैं। प्रिंटिंग कारोबारियों के अनुसार इस बदलाव से पारंपरिक कार्ड प्रिंटिंग के काम पर भी असर पड़ा है और कार्ड छपवाने वाले ग्राहकों की संख्या में कमी देखने को मिल रही है।
गोपनीय सूत्रों का बड़ा खुलासा
गोपनीय सूत्रों के अनुसार, प्रिंटिंग प्रेस संचालकों ने भी बदलते दौर के साथ कदमताल करते हुए एआई और चैटजीपीटी का सहारा लेकर फ्लैक्सी, पोस्टर और अन्य डिजाइन तैयार करने शुरू कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि यह बदलाव इस तरह किया जा रहा है कि इसकी भनक तक किसी को न लगे।
लेकिन बदलते दौर में आज की युवा पीढ़ी सोशल मीडिया और एआई के प्रति तेजी से जागरूक हो चुकी है। लोग खुद ही डिजाइन तैयार कर डिजिटल माध्यमों से प्रचार-प्रसार करने लगे हैं। इसका सीधा असर पारंपरिक प्रिंटिंग कारोबार पर पड़ रहा है। सोशल मीडिया और एआई के बढ़ते चलन से प्रिंटिंग कारोबारी भी हताश नजर आ रहे हैं और अब उन्हें कारोबार बचाने के लिए नई तकनीक का सहारा लेना पड़ रहा है।









