(जसपुर में फीका नदी में फंसे दो बच्चों का रेस्क्यू, लेवड़ा का पानी 300 घरों में घुसा; गूलरभोज में 150 लोग शिफ्ट, बारिश का दौर लगातार जारी कल जिले के स्कूल भी बंद)
रुद्रपुर। जिले में रविवार को हुई भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया। नदियों का जलस्तर बढ़ने से जसपुर, बाजपुर और गदरपुर के कई रिहाइशी इलाकों में पानी घुस गया। जलभराव के कारण लोगों को घरों से बाहर निकलने और रोजमर्रा के काम के लिए आवाजाही करने में परेशानी हुई। कई स्थानों पर रास्तों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित रहा। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य शुरू कराया।
जसपुर के ग्राम हजीरों में फीका नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से स्कूल जा रहे 14 वर्षीय निमरत कौर और 15 वर्षीय अवतार सिंह नदी पार नहीं कर सके। दोनों के फंसने की सूचना पर पुलिस और राजस्व टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षित बाहर निकाला। बाद में दोनों को परिजनों के सुपुर्द कर सुरक्षित स्थान पर ठहराया गया। प्रशासन के अनुसार जसपुर में अब स्थिति सामान्य है।
बाजपुर के चकरपुर क्षेत्र में लेवड़ा नदी का पानी इंदिरा कॉलोनी, खमरिया, यादव कॉलोनी, झारखंडी और गोबरा के रिहाइशी इलाकों में घुस गया। करीब 300 घर प्रभावित होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। घरों में पानी भरने से घरेलू सामान के प्रभावित होने की सूचना है। जलभराव के कारण स्थानीय रास्तों पर भी आवाजाही प्रभावित हुई। प्रशासन ने जेसीबी और अन्य संसाधनों से पानी की निकासी शुरू करा दी। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन और खाद्य सामग्री की व्यवस्था की गई है। एडीएम पंकज उपाध्याय ने राजस्व टीम को मौके पर रहकर क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए हैं।
गदरपुर के गूलरभोज में वार्ड संख्या 1, 4, 5, 6 और 7 में घुटनों तक पानी भर गया। कई घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान को नुकसान पहुंचा। स्थिति बिगड़ने पर करीब 40 परिवारों के 100 से 150 लोगों को नगर पंचायत गूलरभोज और जनसमुदाय भवन में शिफ्ट कराया गया। प्रभावितों के लिए भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, उप जिलाधिकारी ऋचा सिंह और डॉ. अमृता शर्मा समेत प्रशासनिक अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की निगरानी करते रहे। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में हल्की बारिश हो रही है और स्थिति नियंत्रण में है। प्रशासन ने राजस्व टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।









