महापौर दीपक बाली ने समझा शिव भक्तों का दर्द: लगवा दी ढेला पुल पर लाइटें

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काशीपुर। इसे कहते हैं काम और काम की राजनीति। काशीपुर के करीब 50-60 साल के इतिहास में इस बार पहली बार ऐसा मौका होगा जब नगर में प्रवेश करने वाले शिव भक्त कावरियों को बैलजूड़ी और काशीपुर क्षेत्र में प्रवेश करने पर अंधेरे का सामना नहीं करना होगा। हालांकि महापौर दीपक बाली ने मेयर बनते ही शिव भक्त कावरियो को होने वाली इस समस्या का अति गंभीरता से संज्ञान लिया था और पिछली बार उन्होंने अपने खर्चे से नए- ढेला पुल पर कांवरियों की सुविधा हेतु लाइटे लगवा दी थी लेकिन इस बार उन्होंने इस व्यवस्था को और मजबूत व परमानेंट कर दिया। उन्होंने नगर निगम के माध्यम से करीब 2 लाख रू के खर्चे से इस पूरे रास्ते पर खंबे लगवा कर उन पर हाई मास्क लाइटें लगवा दी हैं। उल्लेखनीय है कि शिवरात्रि महापर्व पर वर्षों से उत्तराखंड के ही नहीं उत्तर प्रदेश के हजारों शिव भक्त कावरिये कांवर लेकर अपने-अपने दूर दराज के क्षेत्र में जाते हैं लेकिन उन्हें काशीपुर क्षेत्र में समस्या तब आती थी जब यहां बने ढेला पुल पर रोशनी की कोई भी व्यवस्था नहीं थी और अक्सर आम जनता के साथ-साथ कांवरियों के साथ दुर्घटनाएं भी हो जाती थी। काशीपुर की जनता एवं स्वयं कांवरियों के द्वारा मांग की जाती थी कि काश यहां के जनप्रतिनिधि ढेला पुल पर रोशनी की व्यवस्था कर दे तो बहुत अच्छा हो जाएगा और काशीपुर का एक बेहतर संदेश भी दूर-दूर तक जाएगा लेकिन किसी का भी ध्यान इस और नहीं गया। गत वर्ष जब दीपक बाली महापौर बने तो उनके संज्ञान में यह मामला जैसे ही आया तो समय बहुत कम था इसलिए उन्होंने सरकारी व्यवस्था के बजाय खुद अपने पैसे से पूरे ढेला पुल पर जनरेटर से लाइटें लगवा दी थी जिससे शिव भक्तों के साथ-साथ आम जनता को भी काफी राहत मिली थी और लाइट लगने से कोई दुर्घटना भी नहीं हुई। इस बार महापौर ने समय रहते स्वत: संज्ञान लेते हुए उस समस्या को ध्यान में रखते हुए नगर निगम के माध्यम से 21 बिजली के पोल लगवा कर उन पर हाई मास्क लाइटें लगवा दी गई है ताकि आम जनता के साथ-साथ कांवरियों को कोई परेशानी ना हो। और तो और उन्होंने खुद मौके पर खड़े होकर इन लाइटों का प्रदर्शन भी देखा कि सभी लाइटें जल भी रही है या नहीं। उनके द्वारा कराए गए इस कार्य की चारों ओर प्रशंसा हो रही है। महापौर ने कहा कि वैसे तो इस क्षेत्र की सड़क भी बहुत अच्छी स्थिति में है लेकिन फिर भी नंगे पैर कांवर लाने वाले शिव भक्तों को कोई कष्ट ना हो इसलिए सड़कों की सफाई का भी बेहतर इंतजाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिव भक्तों को कोई कष्ट नहीं होने दिया जाएगा और शहर के अंदर भी सफाई की बेहतर व्यवस्था की गई है और जहां-जहां शिव भक्तों की सेवा हेतु भंडारे लगते हैं उन क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था पर पूरा ध्यान रखा जाएगा। उल्लेखनीय है कि महापौर दीपक बाली खुद अपने प्रयासों से जसपुर रोड से बेलजूडी की ओर मुडते ही तिकोनिया पर पिछले कई वर्षों से सहयोग कर भंडारे के आयोजन मैं मदद करते रहे हैं और खुद भी भंडारे में जाकर शिव भक्तों की सेवा करते हैं। इस काम में संजीवनी हॉस्पिटल परिवार का विशेष सहयोग रहता है।

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Author: Prime Focus

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