देहरादून। ग्राफिक एरा इंस्टीटड्ढूट में आयोजित आईएपी उत्तराखंड पेडिकॉन 2026 का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन अत्यंत सफलतापूर्वक एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस प्रतिष्ठित सम्मेलन का नेतृत्व आईएपी उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ. रवि सहोता, सचिव डॉ. राकेश कुमार एवं आयोजन सचिव डॉ. शांतनु शुभम द्वारा किया गया।
सम्मेलन के सफल आयोजन में डॉ. रवि सहोता के नेतृत्व की व्यापक सराहना की गई। उनके दूरदर्शी, नवाचारी एवं समावेशी नेतृत्व ने न केवल आयोजन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, बल्कि टीम भावना एवं समान सहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत किया। चिकित्सा एवं संगठनात्मक दक्षता के इस संतुलन ने सम्मेलन को एक विशिष्ट पहचान दिलाई। इस अवसर पर देश के शीर्ष बाल रोग विशेषज्ञों एवं सुपर-स्पेशलिस्ट फैकल्टी की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रमुख वक्ताओं में डॉ. किशोर कुमार (चेयरमैन, क्लाउडनाइन हॉस्पिटल्स, भारत), डॉ. पायल मल्होत्र (पीडियाट्रिक हीमैटो-ऑन्कोलॉजिस्ट) एवं डॉ. जय रेलन (पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट) शामिल रहे। इसके अतिरिक्त डॉ. अशोक देओरारी, डॉ. अल्पा गुप्ता, डॉ. हंस वैष, डॉ. रितु, डॉ. गौरव मुखीजा सहित अनेक राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों ने अपने व्याख्यानों एवं अनुभवों से सम्मेलन को समृद्ध किया।

सम्मेलन से पूर्व आयोजित प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप्स में NRP (Neonatal Resuscitation Program), POCUS, नर्सिंग के लिए क्रिटिकल केयर एवं वेंटिलेशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे प्रतिभागियों को नवीनतम कौशल एवं तकनीकों की जानकारी प्राप्त हुई। सम्मेलन के अंतर्गत आयोजित भव्य गाला नाइट एवं सम्मान समारोह में बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चिकित्सकों को सम्मानित किया गया।
सम्मानित चिकित्सकों की सूची में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड में डॉ. डीएस रावत, डॉ. सुधीर चैधरी, डॉ. विपिन वैष शामिल रहे। इसी तरह देवभूमि पीडियाट्रिक एक्सीलेंस अवॉर्ड में डॉ. अशोक देओरारी, डॉ. किशोर कुमार, डॉ. गिरीश गुप्ता व अकादमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड के लिए डॉ. रितु रखोलिया, डॉ. शांतनु शुभम, डॉ. एनके भट्ट, डॉ. राकेश कुमार के अलावा क्लिनिकल एक्सीलेंस अवॉर्ड में डॉ. अरुण कुमार, डॉ. आरके श्रीवास्तव, डॉ. उत्कर्ष शर्मा एवं यंग अचीवर अवॉर्ड में डॉ. विशाल कौशिक, डॉ. अंजुल श्रीमाली शामिल रहे। इसके अलावा कम्युनिटी इम्पैक्ट अवॉर्ड में डॉ. आशंक ऐरन, डॉ. आलोक सेमवाल, डॉ. विपिन सूद, डॉ. रवि अदलखा व वूमेन लीडरशिप इन पीडियाट्रिक्स अवॉर्ड में डॉ. गीता खन्ना, डॉ. अल्पा गुप्ता, डॉ. बिंदु अग्रवाल शामिल रहे।
सम्मेलन के दौरान आयोजित वैज्ञानिक सत्र, पेपर एवं पोस्टर प्रस्तुतियाँ तथा विशेषज्ञ पैनल चर्चाओं ने प्रतिभागियों को बाल चिकित्सा के नवीनतम शोध, उपचार पद्धतियों एवं क्लिनिकल दृष्टिकोणों से अवगत कराया। आयोजन समिति ने सभी फैकल्टी, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए इसे उत्तराखंड में बाल चिकित्सा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर बताया। वहीं अंतिम संदेश में फ्देवभूमि में ज्ञान, नवाचार और समर्पण का यह संगम, बाल स्वास्थ्य के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सशक्त कदम’’ बताया।








