श्रद्धा, संकल्प और सफलता की कहानी: श्री रवींद्र कुमार SIMT के 22वें स्थापना दिवस पर विशेष “सपनों को यदि समर्पण की शक्ति मिल जाए, तो वे संस्थान बन जाते हैं…”

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काशीपुर। श्रीराम इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (SIMT), काशीपुर आज अपने 22वें स्थापना दिवस की गौरवशाली बेला मना रहा है। यह अवसर न केवल संस्थान की उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि उस महान व्यक्तित्व का अभिनंदन करने का भी है, जिनकी दूरदृष्टि, संघर्ष और सतत प्रयासों से यह संस्थान अस्तित्व में आया — श्री रवींद्र कुमार।
एक दूरद्रष्टा का प्रेरक सफर

21 जून 1945 को जन्मे श्री रवींद्र कुमार जी ने 1967 में IIT रुड़की से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके पश्चात उन्होंने इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग में मुंबई से स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण की और रजत पदक से सम्मानित हुए। उनका करियर SAIL के Alloy Steels Plant, दुर्गापुर से प्रारंभ हुआ। इसके बाद वे CET (Centre for Engineering & Technology) से जुड़े, जहाँ उन्होंने 50 से अधिक इस्पात परियोजनाओं का नेतृत्व किया। जर्मनी और इटली की तकनीकों को भारत लाकर उन्होंने भारतीय रेलवे के लिए लोकोमोटिव व्हील उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल

तकनीकी सेवा में 35 वर्षों का अनुभव लेने के बाद, श्री कुमार ने समाज को कुछ स्थायी देने का संकल्प लिया। 2003 में “Social Welfare & Education Society” की स्थापना की और जुलाई 2004 में SIMT की नींव रखी। केवल 66 छात्रों से शुरू हुआ यह संस्थान आज हजारों विद्यार्थियों के जीवन को गढ़ रहा है। MBA, BBA, BCA, B.Ed. और B.Com (Hons) जैसे कोर्सों के साथ SIMT व्यवसायिक शिक्षा का प्रमुख केंद्र बन चुका है।

SIMT – एक विचार, एक मिशन

SIMT केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि उत्कृष्टता, नैतिकता और समाज निर्माण की सोच है। संस्थान का उद्देश्य शिक्षा को व्यवसायिकता से जोड़ते हुए विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना है। यह सब श्री कुमार जी के नेतृत्व, अनुशासन और सेवा भाव से संभव हो पाया है।

उपलब्धियाँ और सम्मान

श्री रवींद्र कुमार को उनकी विशिष्ट उपलब्धियों और समाज के प्रति योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं:

• इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के फेलो: – यह सर्वोच्च श्रेणी की सदस्यता है, जो किसी भी अभ्यर्थी को उसके ज्ञान, अनुभव और इंजीनियरिंग क्षेत्र में योगदान के आधार पर, एक विशेषज्ञ बोर्ड द्वारा गहन परीक्षण के बाद प्रदान की जाती है। फेलो बनने के लिए कम से कम 15 वर्षों का उच्च पद पर अनुभव, मान्यता प्राप्त डिग्री और उत्कृष्ट सेवाएँ अनिवार्य हैं।

• उदय राज हिन्दू इंटर कॉलेज, काशीपुर द्वारा सम्मानित:- श्री कुमार को इंजीनियरिंग क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उनके पूर्व विद्यालय उदय राज हिन्दू इंटर कॉलेज, काशीपुर ने सम्मानित किया।
• लायन क्लब (सेंट्रल), काशीपुर द्वारा शिक्षा क्षेत्र में सम्मान:- शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए लायन क्लब (सेंट्रल) काशीपुर ने भी उन्हें सम्मानित किया।
• दो बार CET को सर्वश्रेष्ठ सब-सेंटर पुरस्कार
• “बर्नपुर रोलिंग मिल प्रोजेक्ट” पर उत्कृष्ट परियोजना सम्मान
• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेटल्स और ASP से प्रशस्तियाँ
• राजभाषा हिंदी के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए 3 बार सम्मान
• इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग में प्रो. बी चक्रवर्ती रजत पदक (1988)
• इन सम्मानों के माध्यम से श्री रवींद्र कुमार की विशेषज्ञता, नेतृत्व और समाज सेवा को व्यापक स्तर पर मान्यता मिली है।

संस्थान की विकास यात्रा

2004 में स्थापित SIMT का उद्देश्य काशीपुर और आसपास के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक शिक्षा उपलब्ध कराना था। 2009 में SIMT-PG कॉलेज की स्थापना के साथ इसकी पहचान और भी मजबूत हुई।

• कुमाऊँ विश्वविद्यालय से संबद्ध
• UTU एवं AICTE से स्वीकृत (PG Campus)
• उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त
• B.Ed. कार्यक्रम को NCTE से अनुमोदन
• NAAC ‘B’ ग्रेड (Good) से मान्यता प्राप्त

संचालित एवं प्रस्तावित पाठ्यक्रम
वर्तमान:
MBA, BBA, B.Com (Hons), BCA, B.Ed.
प्रस्तावित:
BA, BSc, BA BEd, BSc BEd, BCom BEd (चार वर्षीय समेकित कार्यक्रम)

संस्थान की दृष्टि एवं मिशन
“शिक्षा सभी का अधिकार है” — SIMT का विश्वास है कि प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा मिले, चाहे उसकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो। संस्थान का मिशन है:
• छात्रों को व्यावसायिक, तकनीकी और नैतिक दृष्टि से सक्षम बनाना
• अनुशासन, सच्चाई और समर्पण के मूल्य देना
• रोजगारपरक कौशल प्रदान करना
• प्रबंधन, कंप्यूटर साइंस और शिक्षक प्रशिक्षण में उत्कृष्टता

फैकल्टी, स्टाफ और छात्र विकास
SIMT के शिक्षक और कर्मचारी संस्थान को नैतिक, प्रगतिशील और प्रेरणादायक शिक्षण केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। छात्रों के लिए पर्सनालिटी डेवलपमेंट, कम्युनिकेशन स्किल, इंटर्नशिप, औद्योगिक विजिट, प्लेसमेंट सहायता, स्टार्टअप प्रोत्साहन, सांस्कृतिक-सामाजिक गतिविधियाँ, करियर मार्गदर्शन जैसी अनेक पहल चलाई जा रही हैं।

उपलब्धियाँ और भविष्य की योजनाएँ
उपलब्धियाँ:
• उच्च प्लेसमेंट रिकॉर्ड
• विश्वविद्यालय स्तर पर कई रैंक
• उद्योगों से सहयोग
• NAAC से गुणवत्ता की मान्यता
भविष्य की योजनाएँ:
• नए पाठ्यक्रम
• AI लैब, डेटा एनालिटिक्स पर वर्कशॉप
• राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सहयोग
• शोध एवं विकास केंद्र
• ईको-फ्रेंडली कैंपस, डिजिटल लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लासरूम्स

नेतृत्व का संदेश
“हमारी यात्रा अभी प्रारंभ है। SIMT को वैश्विक स्तर का शिक्षण केंद्र बनाना हमारा लक्ष्य है – जहाँ शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित न रहे, बल्कि संपूर्ण व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम बने।”
— श्री रवींद्र कुमार, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, SIMT

स्थापना दिवस पर विशेष
SIMT के 22 वर्ष — यह केवल एक संस्थान की यात्रा नहीं, बल्कि हजारों छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की उम्मीदों की सफलता की कहानी है। यह अवसर है संस्थापक श्री रवींद्र कुमार जी को नमन करने, उनके विज़न को आगे बढ़ाने और SIMT को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का संकल्प लेने का।

श्रद्धा से संकल्प बना,
संकल्प से संस्थान खड़ा हुआ,
संस्थान से समाज सशक्त हुआ।
SIMT — एक विचार, एक परिवार, एक पहचान।

(संस्थान के 22वें स्थापना दिवस पर समर्पित विशेष लेख)

श्रीराम संस्थान के 22वें स्थापना दिवस पर “संकल्प यज्ञ“ का आयोजन

काशीपुर। श्रीराम संस्थान के 22वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में संस्थान के प्रांगण में सर्वजन कल्याण हेतु “संकल्प यज्ञ“ का आयोजन किया गया। अध्यक्ष श्री रवीन्द्र कुमार ने कुछ यादें साझा करते हुए बताया कि क्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कैसे दिनांक 23 सितम्बर 2003 को सोशल वैलफैयर एण्ड एजूकेशन सोसायटी के नाम से एक संस्था की स्थापना हुई जिसका लक्ष्य एक समाजोपयोगी संगठन स्थापित करना था। काशीपुर नगर तथा उससे जुड़े क्षेत्रों में व्यवसायिक शिक्षा का लगभग अभाव था अनेक बार विचार मन्थन करने के उपरान्त इस शून्य को भरने की प्रखर कामना की परिणति श्रीराम इन्स्टीट्यूट ऑफ मैनेजमैंट एण्ड टैक्नोलॉजी के रूप में हुई। इस संस्थान का उद्घाटन दिनांक 1 जुलाई 2004 को कुमाऊँ विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति प्रो0 आर0 सी0 पन्त एवं क्षेत्र के सांसद माननीय श्री के0 सी0 सिंह बाबा के कर कमलों से हुआ।
संस्थान नेे अध्यक्ष श्री रवीन्द्र कुमार के मार्गदर्शन में गत 22 वर्षों में बहुत लोकप्रियता अर्जित कर चुका है तथा संस्थान उच्च शिक्षा के अतिरिक्त छात्रो के व्यक्तित्व के सम्पूर्ण विकास हेतु तीव्र गति से निरन्तर प्रगति की ओर अग्रसर है इसी का परिणाम है कि श्रीराम संस्थान से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्याथÊ देश-विदेश के कोने-कोने में प्रबन्धन, तकनीकि एवं शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त संस्थान ने समाज की उन्नति एवं समृ़ि़द्ध के लिए विभिन्न जागरूकता अभियान एवं कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया है जिसमें पर्यावरण संरक्षण हेतु वृक्षारोपण, पौध वितरण, स्वास्थ्य के लिए योग कार्यशालाएं, रक्तदान शिविर, रैलियाँ, स्वच्छता हेतु विभिन्न प्रकार से प्रस्तुतिकरण करना इत्यादि इसके मुख्य अंग रहे हैं।
यज्ञ के अवसर पर निदेशक प्रो0 (डॉ0) योगराज सिंह ने संस्थान के समस्त प्रवक्तागण एवं कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए आशा प्रकट की कि हमें सम्पूर्ण समाज के उत्थान के लिए मिलकर निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए और हम सभी को अपनी पूर्ण सामथ्र्य के साथ इस संस्थान के साथ-साथ समाज के प्रत्येक व्यक्ति के लिए सकारात्मक ऊर्जा का संचार एवं प्रवाह करना जिसके लिए हम निरंतर प्रयासरत् रहेंगे। इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष श्री रवीन्द्र कुमार एवं उनकी धर्मपत्नी कोषाध्यक्ष श्रीमती कमलेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष श्री अभिनव अग्रवाल, श्री अमित अग्रवाल, श्रीमती श्रुति अग्रवाल, निदेशक प्रो0 (डॉ0) योगराज सिंह, प्राचार्य डॉ. एस0एस0 कुशवाहा, समस्त प्रवक्तागण एवं स्टाफ उपस्थित रहे।

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Author: Prime Focus

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