डॉ. रवि सहोता बोले— समय पर दिया गया CPR बचा सकता है हजारों लोगों की जान, IAP उत्तराखंड ने 485 लोगों को किया प्रशिक्षित

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काशीपुर/देहरादून। भारतीय शिशु रोग अकादमी (IAP) द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. नीलम मोहन के नेतृत्व में चलाए जा रहे राष्ट्रीय “संजीवनी: CPR Mass Awareness Program” के अंतर्गत 21 जुलाई को पूरे देश के साथ उत्तराखंड में भी व्यापक स्तर पर CPR जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान का उद्देश्य प्रत्येक परिवार, विद्यालय, कार्यस्थल और समुदाय को CPR के प्रति जागरूक एवं प्रशिक्षित बनाना है, ताकि अचानक हृदय गति रुकने (सडन कार्डियक अरेस्ट) जैसी आपात स्थिति में आम नागरिक भी किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में सक्षम हो सकें।

IAP उत्तराखंड की ओर से राज्यभर में कुल सात प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 485 लोगों को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों में बड़ी संख्या में आम नागरिक भी शामिल रहे, जिन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आपातकालीन परिस्थितियों में CPR देने की सही तकनीक सिखाई।

काशीपुर के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ एवं IAP उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ. रवि सहोता ने कहा कि “हृदय गति रुकने की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट सबसे अधिक महत्वपूर्ण होते हैं। यदि आम नागरिक समय पर और सही तरीके से CPR देना सीख जाएं, तो हजारों अनमोल जीवन बचाए जा सकते हैं। हमारा लक्ष्य उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक को CPR के प्रति जागरूक और प्रशिक्षित बनाना है, ताकि हर व्यक्ति आपात स्थिति में किसी की जान बचाने में सक्षम हो सके।”

यह अभियान राष्ट्रीय संयोजक डॉ. लोकेश तिवारी, राष्ट्रीय सचिव डॉ. रुचिरा गुप्ता, राज्य समन्वयक डॉ. मान सिंह तथा IAP उत्तराखंड सचिव डॉ. राकेश कुमार के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में डॉ. विशाल कौशिक, डॉ. हंस वैष सहित अनेक CPR प्रशिक्षकों एवं IAP के सदस्यों ने सक्रिय योगदान दिया।

अभियान के दौरान लोगों को संदेश दिया गया— “सीपीआर सीखें, जीवन बचाएं और सीपीआर-तैयार भारत बनाने में अपना योगदान दें।”

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Author: Prime Focus

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