काशीपुर। श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज के चार साहिबजादे माता गुजर कौर की शहादत को समर्पित आज कुंडेश्वरी चैराहे पर सिख संगत द्वारा दूध लंगर व रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, रक्तदान शिविर में 50 यूनिट रक्त दिया गया,

आपको बताते हैं वजीर खा द्वारा जब छोटे साहबजादे बाबा जोरावर सिंह उम्र 9वर्ष, बाबा फतेह सिंह उम्र 6 वर्ष व माता गुजर कौर सरहिंद किले में भूखे प्यासे ठंडे बुर्ज में कैद किये थे,तब मोतीराम मेहरा जी ने छोटे साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह,बाबा फतेह सिंह व माता गुजर कौर जी को दूध पिलाया था इसी क्रम में आज के दिन समूचे भारत में जगह-जगह सिख संगत द्वारा राहगीरों को दूध पिलाया जा रहा है, मलकित सिंह विर्क ने साहिबजादौ की कुर्बानी को याद करते हुए बताया की साहस उम्र का मोहताज नहीं होता. श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों ने यह दिखा दिया कि सच्चाई और आत्मसम्मान के लिए खड़े होना सबसे बड़ा धर्म है. यह दिन केवल सिख समाज के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का प्रतीक है. यह बच्चों को ईमानदारी, निडरता और बलिदान का महत्व समझाता है। वही इस मौके पर गुरबक्स सिंह बग्गा,साहब सिंह विर्क,लवजीत संधू,तरसेम सिंह कनाडा, जगप्रीत सिंह,गुरपेज सिंह विर्क, सुखवंत सिंह ढिल्लों, गुरप्रीत सिंह पुरेवाल, प्रीत बाजवा, बंटी सलारिया आदि लोग मौजूद रहे।









